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Reading corner

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a small presentation on reading corner

Veröffentlicht in: Bildung
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Reading corner

  1. 1. पढ़ने का कोना कक्षा में बच्चों के लिए एक ऐसी आनंददायी जगह है जहााँ वे इत्मीनान से बैठ सकें और पढ़ सकें । इसके लिए ककताबों को मेज़ के ऊपर या मेज़ के चारों तरफ़ बााँधी गई रस्सी पर प्रदलित ककया जा सकता है या किर दीवारों पर टााँगा जा सकता है। पढ़ने की कोने में बाि साहहत्य का उत्कृ ष्ट संकिन होना चाहहए। बच्चों की आवश्यकताओं एवं रूचच और उपिब्ध बाि साहहत्य की गुणवत्ता को
  2. 2. ध्यान में रखते हुए बाि साहहत्य का चयन बेहद सावधानी के साथ ककया जाना चाहहए। पढ़ने के कोने में बच्चों के लिए क्रलमक पुस्तकमािा को भी रखा जा सकता है। क्रलमक पुस्तकमािा में अनेक प्रकार की कहाननयााँ िलमि होती हैं जो कक्षा 1 और 2 के पाठकों के लिए कहठनता के ववववध स्तर उपिब्ध कराती है। बच्चों के लिखने, तस्वीर बनाने और रंग भरने के लिए पढ़ने के कोने मे ककताबों के अनतररक्त पेंलसि, लमटानी(eraser), छीिनी(sharpener) आहद रखी जानी चाहहए।
  3. 3. बच्चों को पढ़ने में अलभप्रेररत करने में लिक्षकों की बहुत बडी भूलमका है। पढ़ने के कोने का रख-रखाव करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहहत करमे के अनतररक्त भी कु छ ऐसी बातें है जजन्हें करके देखा जा सकता है- स्वतंत्र पठन के लिए अिग से समय सुननजश्चत करें। ककताबों के वैववध्यपूणण संकिन को एक साथ रखना : िब्द रहहत ककताबें, चचत्रात्मक ककताबें, कववताओं के संकिन, वणण और संख्या वािी रोचक ककताबें, आहद। पढ़ने के कोने को बच्चों के िेखन के साथ जोडडए। बच्चों ने जो पढ़ा, उसकी प्रनतकक्रया में वे जो लिखते हैं, उन्हें प्रदलिणत कीजजए।
  4. 4.  पढ़ने के कोने में ऐसी ककताबें भी रखी जा सकती हैं जो शिक्षक और बच्चों ने शमलकर बनाई हैं। बच्चे उन ककताबों को पढ़ना पसंद करते हैं जो उन्होंनें बनाई हैं। चूँकक वे इन ककताबों की ववषय-वस्तु से पररचचत होते हैं इसशलए ये ककताबें उन्हें पाठक होने का अहसास कराती हैं।  शिक्षक स्वयं पाठक बनें और पढ़ने में अपनी रुचच को प्रदशिित करें। स्वतंत्र पठन के शलए सुननश्चचत ककए गए समय में अपने बच्चों के साथ पढ़े। यह प्रदशिित करें कक पढ़ना एक रोचक गनतववचि है।

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