Diese Präsentation wurde erfolgreich gemeldet.
Wir verwenden Ihre LinkedIn Profilangaben und Informationen zu Ihren Aktivitäten, um Anzeigen zu personalisieren und Ihnen relevantere Inhalte anzuzeigen. Sie können Ihre Anzeigeneinstellungen jederzeit ändern.

RAJBHASHA NEETI

2.640 Aufrufe

Veröffentlicht am

  • Als Erste(r) kommentieren

RAJBHASHA NEETI

  1. 1. डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा कार्ाान्वर्न की कठिनाईर्ाां एवां समाधान
  2. 2. डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा ह ंदी के कायाान्वयि र्ें प्रर्ु कहििाई  राजभाषा संबंधी नियर्ों की जािकारी का अभाव  कंप्यूटर पर ह ंदी र्ें काया करिे र्ें कहििाई  अंग्रेज़ी र्ें निरंतर काया करिे की आदत  स्वयं ह ंदी र्ें काया िा कर ह ंदी अिुभाग पर अत्यधधक निभारता  ह ंदी के प्रनत ीि भाविा की र्ािससकता  प्रेरणा और प्रोत्सा ि की िीनत एवं दंड के अभाव र्ें नियर्ों की उपेक्षा एवं अव ेलिा
  3. 3. डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा संबंधी नियर्ों की जािकारी का अभाव •अधधकतर कर्ाचाररयों को राजभाषा नियर्ों की जािकारी ि ीं •इसका प्रर्ु कारण ै ववधध की भाषा की दुरु ता तथा इसके प्रनत अरूधच की भाविा •आवश्यक ि ीं कक सभी कर्ाचाररयों को सभी नियर् का ज्ञाि ो। परंतु प्रर्ु नियर्ों के सार का ज्ञाि बे द जरूरी •नियर्ों की जािकारी के अभाव र्ें प्रत्येक कर्ाचाररयों से जािे-अिजािे ोता ै राजभाषा नियर्ों का उल्लंघि •प्रर्ु नियर्ों को अनत संक्षेप र्ें तथा बे द सरला भाषा र्ें कर्ाचाररयों को ज्ञात करािा ह ंदी अधधकारी या ह ंदी प्रभारी की जजम्र्ेदारी
  4. 4. कौन से ननयम हैं अनि महत्वपूर्ण  केंद्र सरकार के प्रत्येक कर्ाचारी को ह ंदी का कायासाधक ज्ञाि ोिा अनिवाया तथा अप्रसशक्षक्षत कर्ाचाररयों को ह ं.सश.यो. के त त प्रसशक्षण अनिवाया  राजभाषा अधधनियर् 1963 की धारा 3 (3) का शत- प्रनतशत अिुपालि  कौि से ैंधारा 3 (3) के त त जारी ोिे वाले कागजात  राजभाषा नियर् 1976 के नियर् 5 के त त ह ंदी र्ें प्राप्त सभी पत्रों के उत्तर ह ंदी र्ेंहदया जािा।  ह ंदी र्ेंप्रवीणता प्राप्त सभी अधधकारी/कर्ाचारी अपिा हटप्पण/आले ि र्ूल रूप से ह ंदी र्ेंकरें।
  5. 5. कौन से ननयम हैं अनि महत्वपूर्ण  राजभाषा नियर् 1976 के नियर् 11 के त त रजजस्टरों के शीषाक द्ववभाषी ो तथा इिर्ेंप्रववजटटयां भी ह ंदी र्ें  इसी नियर् के त त रबड़ की सभी र्ो रें, साइिबोडा, सील, पत्रशीषा, िार्पट्ट, वा िों पर कायाालय का वववरण, ववजजहटंग काडा, बैज, लोगो, र्ोिोग्रार् तथा चाटा तथा िक्शे आहद द्ववभाषी ोिे चाह ए  “ग” क्षेत्र के कायाालयों द्वारा केंद्र सरकार के कायाालयों को न्यूित्तर् 55% पत्राचार का लक्ष्य  “क” और “ ” क्षेत्र के कायाालयों को भेजे जािे वाले पत्रों के सलफाफों पर पतेह ंदी र्ें  सभी कंप्यूटरों पर द्ववभाषी सॉफ्टवेयर की सुववधा उपलब्ध ोिी चाह ए  प्रत्येक नतर्ा ी र्ेंएक ह ंदी कायाशाला का आयोजि अनिवायातः ककया जािा चाह ए
  6. 6. कौन से ननयम हैं अनि महत्वपूर्ण  कायाालय के सभी टंकक ह ंदी टंकण र्ेंतथा सभी आशुसलवपक ह ंदी आशुसलवप र्ेंप्रसशक्षक्षत ोिे चाह ए तथा ह ंदी टंकण/आशुसलवप ेतु उिकी सेवाओं का सर्ुधचत उपयोग ोिा चाह ए।  राजभाषा ववभाग द्वारा स्वीकृत र्ािकों के अिुसार ह ंदी पदों का सृजि  पुस्तकालयों र्ेंपुस्तकों की रीद पर ककए गए व्यय का न्यूितर् 50% ह ंदी पुस्तकों की रीद पर व्यय  कायाालय द्वारा प्रयोग र्ेंलाए जा र े सभी फॉर्ा द्ववभाषी ोिे चाह ए  सभी सेवा-पुजस्तकाओं र्ेंप्रववजटटयांअनिवायातः ह ंदी र्ेंकी जािी चाह ए। य काया रबड़ की र्ो रों से आसािी से ककया जा सकता ै।
  7. 7. कौन से ननयम हैं अनि महत्वपूर्ण  राजभाषा कायाान्वय ससर्नत की बैिक नियसर्त रूप से (प्रत्येक नतर्ा ी र्ेंन्यूितर् एक) आयोजजत की जािी चाह ए। ससर्नत द्वारा ह ंदी की प्रगनत की हदशा र्ेंिोस निणाय लेकर उसपर कारावाई की जािी चाह ए।  राजभाषा कायाान्वय ससर्नत के सदस्यों के द्वारा अधधकाधधक कायाालयीि काया नियसर्त रूप से ह ंदी र्ेंककया जािा चाह ए।  ववभागीय बैिकों, सम्र्ेलिों तथा संगोजटियों की कायसाूची तथा कायवात्तृ ह ंदी र्ेंभी तैयार ककए जािे चाह ए तथा निर्ंत्रण पत्र द्ववभाषी रूप र्ें जारी ककए जािे चाह ए।  कायाालय द्वारा प्रकासशत पत्रत्रकाएं तथा सभी प्रकार के प्रकाशि द्ववभाषी रूप र्ेंप्रकासशत ककए जािे चाह ए।  सर्ाचार पत्रों/पत्रत्रकाओं/वप्रटंर्ीड़ड़या/इलेक्रोनिक र्ाध्यर्ों तथा बिैर, ोड़डिंग आहद ककसी भी र्ाध्यर् से ककए गए ववज्ञापि द्ववभाषी रूप र्ें जारी ोिे चाह ए।
  8. 8. कौन से ननयम हैं अनि महत्वपूर्ण  र्ुख्यालय द्वारा अपिे केंद्रों/इकाइयों आहद का सर्यवद्ध रूप से राजभाषा निरीक्षण ककया जािा चाह ए।  कायाालय र्ेंह ंदी हदवस को केंद्र र्ेंर ते ुए ह ंदी सप्ता /ह ंदी प वाड़े का आयोजि ककया जािा चाह ए। इस दौराि अधधकाररयों/कर्ाचाररयों को ह ंदी र्ें हटप्पण/आले ि सल िे ेतु प्रोत्साह त करिे के सलए ह ंदी प्रनतयोधगताओं का आयोजि ककया जािा चाह ए।  जजि कायाालयों के प्रसशक्षण संस्थाि ैंव ां प्रसशक्षण कायाक्रर् द्ववभाषी रूप से चलाए जािे अपेक्षक्षत ैंतथा सभी प्रकार की प्रसशक्षण सार्ग्री अंग्रेज़ी के साथ- साथ ह ंदी र्ेंतैयार की जािी अनिवाया ै।  भती/पदोन्िनत परीक्षाओं र्ेंसाक्षात्कार र्ेंह ंदी र्ेंउत्तर देिे का ववकल्प हदया जािा अनिवाया ै तथा य तथ्य भती के ववज्ञापि/साक्षात्कार पत्र र्ेंस्पटट कर हदया जािा चाह ए।  कायाालय के निरीक्षण के पश्चात संसदीय राजभाषा ससर्नत को हदए गए आश्वासिों पर सर्यबद्ध कायाक्रर् बिाकर कारावाई की जािी चाह ए तथा इन् ें सर्य से पूरा ककया जािा चाह ए।
  9. 9. कंप्यूटर पर ह ंदी र्ें काया करिें र्ें प्रर्ु सर्स्याएं डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा • फॉन्ट (Font) की सर्स्या • टाईवपगं की सर्स्या • इंटरिेट पर ह ंदी र्ें सचा आहद की सर्स्या • डेटा स्तांतरण के दौराि compatibility की सर्स्या सर्ाधाि • यूनिकोड़ र्ािक ै सभी सर्स्याओं का अचूक सर्ाधाि • केवल युनिकोड़ सर्धथात फॉन्ट एवं सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें। • टाइवपगं के सलए सरल फोिेहटक टूल जसैे र्ाइक्रोसॉफ्ट इंड़डक लैंग्वेज इिपुट टूल का प्रयोग करें। • ह ंदी प्रभारी के द्वारा व्यजक्तगत तौर पर सभी कंप्यूटरों पर इि सुववधाओं को इंस्टाल ककया जाए एवं इसकी जािकारी कर्ाचाररयों को प्रदाि की जाए।
  10. 10. अंग्रेज़ी र्ें निरंतर काया करिे की आदत की सर्स्या डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा सर्ाधाि कर्ाचाररयों को वगीकृत करें 1. ह ंदी र्ें कार् करिे वाले 2. ह ंदी र्ें कर् कार् करिे वाले 3. ह ंदी र्ें कार् ि ीं करिे वाले •ह ंदी र्ें कार् ि ीं करिे वालेकर्ाचाररयों पर ववशेष ध्याि दें • टेबल वकाशॉप का आयोजि करें • उन् ें ह ंदी र्ें काया करिे की आवश्यकता सर्झाएं • गलत ह ंदी सल िे का संकोच, ह चक और भय दूर करें • सरल ह ंदी सल ें तथा तकिीकी शब्दों का सलप्यांतरण करें
  11. 11. अंग्रेज़ी र्ें निरंतर काया करिे की आदत की सर्स्या डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा शुरुआि छोटे से करें और एक वािावरर् बनाएं। 1. सभी कर्ाचाररयों से ह ंदी र्ें स्ताक्षर करिे का अिुरोध 2. सभी फाइलों पर ह ंदी र्ेंिेर्ी हटप्पणी 3. कर्ाचाररयों को कायाालय र्ेंह ंदी र्ेंवाताालाप ेतु प्रोत्साह त कर एक वातावरण निसर्ात करें 4. कायाालय र्ेंआज का ह ंदी शब्द और आज का सुववचार अवश्य लगाएं 5. कायाालय र्ेंह ंदी प्रचारात्र्क वाक्य एवं र् ापुरूषों के ह ंदी संबंधी वचि लगवाएं
  12. 12. स्वयं ह ंदी र्ें काया िा कर ह ंदी अिुभाग पर अत्यधधक निभारता डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा कृपया ध्यान दें 1. ह ंदी अिुभाग आवश्यक सरकारी कागजातों के अिुवाद एवंआपको ह ंदी र्ेंकाया करिे र्ेंस ायता देिे ेतु ै। 2. इसका य अथा ि ीं कक वो आपका काया ह ंदी र्ेंकरे 3. “ह ंदी का कार्” की र्ािससकता त्यागें 4. “ह ंदी र्ेंकार्” की र्ािससकता ववकससत करिे का प्रयास करें 5. सरकार आपको ह ंदी र्ेंकाया करिे ेतु सभी सुववधाएं यथा सॉफ्टवेयर, शब्दकोश तथा प्रसशक्षण प्रदाि करती ै 6. ह ंदी अिुभाग से स ायता लेंपर निभारता त्यागें
  13. 13. ह ंदी के प्रनत ीि भाविा की र्ािससकता डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा ह ंदी के प्रनत ीि भावि क्यों? ववश्व की दूसरी सबसे ज्यादा बोले जािी भाषा भारत और ववश्व के 60 करोड़ लोग ह ंदी बोलते, पढ़ते और सल ते ैं र्ारे देश की राटरभाषा और राजभाषा र्ारे देश की संपका भाषा र्ारे देश की र्िोरंजि की भाषा र्ारे देश की व्यापार की भाषा कफर ऐसी सर्ृद्ध,सुर्धुर और वैज्ञानिक भाषा को अपिािे र्ें ीि भाविा या ह चक क्यों?
  14. 14. प्रेरणा और प्रोत्सा ि की िीनत एवं दंड के अभाव र्ें नियर्ों की उपेक्षा एवं अव ेलिा डॉ. राकेश शर्ाा सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा कायाान्वयि र्ें प्रेरणा और प्रोत्सा ि के ससद्धांत को अपिाया गया ै। इसके पीछे भारत की ब ुभाषी संस्कृनत को दृजटट र्ें र ा गया ै। नियर्ों के उल्लंघि पर दंड की व्यवस्था ि ीं ै इस व्यवस्था का दुरुपयोग िा करें जािबुझकर नियर्ों के उल्लंघि करिे पर कायाालय प्रर्ु के पास दंड के अधधकार सुरक्षक्षत आपके कायाालय की प्रनतटिा आपकी सजगता और कताव्यनिटिा पर निभार ै ह ंदी कायाान्वयि की जबावदे ी कायाालय प्रर्ु की बिती ै अतः एक जजम्र्ेदार कर्ाचारी के तौर पर कायाालय और कायाालय प्रर्ु की प्रनतटिा का ध्याि र ें।
  15. 15. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा कायाणन्वयन को सरल और प्रभावी बनाने हेिु जांच बबदं ु(Check Points)  राजभाषा कायाान्वय ेतु जांच त्रबदं ुकारगार तरीका ै सभी आवश्यक अिुभागों र्ें जांच त्रबदं ुस्थावपत की जाएं जांच त्रबदंओुं का कड़ाई से पालि ो सर्य सर्य पर ह ंदी ससर्नत के सदस्यों के द्वारा इसकी जांच ो
  16. 16. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा राजभाषा अधिननयम, 1963 की िारा 3 (3)
  17. 17. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा हहंदी में प्राप्ि पत्रों का उत्तर अननवायण रूप से हहंदी में देना
  18. 18. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा पत्राचार में हहंदी का प्रयोग
  19. 19. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा कंप्यूटरों की खरीद
  20. 20. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा नामपट्ट, सूचनापट्ट आहद
  21. 21. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा हहंदी भाषी राज्यों को भेजे जाने वाले पत्रों के ललफाफ़ों पर पिे हहंदी में ललखना
  22. 22. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा सेवा-पुस्तिकाओं/रस्जतटरों में प्रववस्टटयां
  23. 23. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा सरकारी प्रकाशिों आहद का द्ववभाषी रूप र्ें प्रकाशि  अपेक्षा  कायाालय द्वारा केवल अंग्रेज़ी र्ेंि ीं बजल्क सभी प्रकाशि द्ववभाषी रूप र्ें निकाले जाएं। य भी कक प्रकक्रया संबंधी सभी साह त्य ह ंदी और अंग्रेज़ी र्ेंद्ववभाषी (ड़डग्लाट) रूप र्ेंयथाजस्थनत र्ुहद्रत, साइक्लोस्टाइल और प्रकासशत ककया जािा अपेक्षक्षत ै।  जांच त्रबदंु  इस तर के प्रकाशिों के सलए उत्तरदायी अधधकारी के स्तर पर य जांच त्रबदं ु बिाया जाए, जजसर्ें इस तर के प्रकाशिों का ह ंदी-अंग्रेज़ी र्ें प्रकासशत ोिा सुनिजश्चत कर सलया जाए।  सभी प्रकाशिों का रूप ह ंदी-अंग्रेज़ी के ड़डग्लाट फॉर्ा र्ें र ा जाए।
  24. 24. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा हहंदी की समृद्धि ही देश समृद्धि है  आज अर्ेरीका और रूस जैसे देश ववश्व र्ें शीषा पर ै इसके पीछे कारण य ै कक वपछली सदी र्ें व ां के िागररकों िे अपिे पररश्रर् से इसका निर्ााण ककया  आईए र् भी जर्ािी, फ्ांस, जापाि, कोररया जैसे देशों से प्रेरणा लें  राटर के निर्ााण का कार् राटरभाषा र्ें करें  ह ंदी का प्रयोग कर गौरवाजन्वत र् सूस करें  स्वयं ह ंदी र्ें कार् करें और स योधगयों को ह ंदी र्ें काया करिे ेतु प्रेररत करें
  25. 25. www.nio.org
  26. 26. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा
  27. 27. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा
  28. 28. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा
  29. 29. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा
  30. 30. www.nio.org सीएसआईआर – राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, दोना पािला, गोिा
  31. 31. भारत का राजभाषा की दृजटट से क्षेत्रवार वगीकरण
  32. 32. द्ववभाषी सूचिापट्ट एवं िार्पट्ट
  33. 33. ह ंदी र्ें बैिर
  34. 34. धारा 3 (3) के त त जारी ोिे वाले प्रर्ु कागजात  संकल्प  सार्ान्य आदेश  अधधसूचिाएं  नियर्  प्रेस ववज्ञजप्तयां  संववदा  परसर्ट  संसद र्ें प्रस्तुत ककए जािे वाले प्रशासनिक अथवा अन्य प्रनतवेदि तथा शासकीय कागज पत्र  टेंडर िोहटस  टेंडर फॉर्ा

×